यूरोपीय का भारत आगमन | Europian Company in India | पुर्तगाली अंग्रेज डच फ्रांसीसी पुर्तगाली, Dutch, अंग्रेज, फ्रांसीसी |
यूरोपियन का भारत आगमन पुर्तगाली भारत में सबसे पहले पुर्तगाली आए | 17 मई 1498 को वास्कोडिगामा कालीकट के बंदरगाह पर 90 दिनों की यात्रा के बाद आया | कालीकट के राजा की पैतृक उपाधि जमोरिन थी | पुर्तगाली के भारत आने के दो उद्देश्य थे |इनका एक उद्देश्य अरबों तथा बनिस के व्यापारियों का भारत से प्रभाव समाप्त करना था तथा दूसरा उद्देश्य भारत में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार करना था | भारत आने वाला दूसरा पुर्तगाली कैंब्रल था | वास्कोडिगामा दूसरी बार 1502 ईसवी में भारत आया | अलमिडा भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय था | अलमिदा ने भारत में ब्लू वाटर पॉलिसी या शांत जल की नीति का पालन किया | भारत में पुर्तगाली शक्ति का वास्तविक संस्थापक अल्बूकर को माना जाता है | नैनो डी कुन्हा ने गोवा को पुर्तगाली की औपचारिक राजधानी बनाया | भारत तथा जापान के बीच व्यापार का श्रेय पुर्तगालिय...